इंसाइट न्यूज 24 ,भिवानी, 20 अगस्त — भिवानी की बेटी मनीषा के मामले में मुख्यमंत्री द्वारा सीबीआई जांच की मांग स्वीकार किए जाने के बावजूद, अब तक मृतका का अंतिम संस्कार नहीं हो पाया है। इस मुद्दे पर धरने पर बैठे ग्रामीणों और कमेटी सदस्यों के बीच संवाद की कमी साफ तौर पर देखने को मिल रही है।
अंतिम संस्कार पर मतभेद:
जहां मृतका के पिता और कमेटी सदस्यों ने अंतिम संस्कार के लिए सहमति जताई थी, वहीं मनीषा के दादा रामकिशन ने यह निर्णय जनता पर छोड़ दिया। इससे ग्रामीणों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है और कई लोग कमेटी पर आरोप लगा रहे हैं कि अंतिम निर्णय बिना जन संवाद के लिया गया।
पोस्टमार्टम पर अविश्वास:
धरने पर बैठे लोगों ने हरियाणा पुलिस और स्थानीय डॉक्टरों पर अविश्वास जताते हुए मांग की है कि मनीषा का पोस्टमार्टम एम्स के डॉक्टरों से करवाया जाए। जानकारी के अनुसार, शव को तीसरी बार पोस्टमार्टम के लिए भिवानी के सामान्य अस्पताल से एम्स भेजे जाने की प्रक्रिया चल रही है।
जनता की मांगें:
• पोस्टमार्टम केवल एम्स के विशेषज्ञों से हो
• अंतिम संस्कार का निर्णय सामूहिक सहमति से लिया जाए
• सीबीआई जांच की प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित हो
इस पूरे घटनाक्रम ने प्रशासनिक व्यवस्था और जन संवाद की गंभीर खामियों को उजागर किया है। मनीषा को न्याय दिलाने की मांग के साथ-साथ अब ग्रामीण यह भी चाहते हैं कि निर्णयों में उनकी आवाज़ को प्राथमिकता दी जाए।




