कांग्रेस पार्टी ने ग्रामीण रोजगार से जुड़े मुद्दों को लेकर शुरू किए जा रहे ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ अभियान को मजबूती देने के लिए एक समन्वय समिति का गठन किया है। इस समिति की जिम्मेदारी वरिष्ठ नेता अजय माकन को सौंपी गई है, जो अभियान के संयोजक के रूप में काम करेंगे।
पार्टी की ओर से बताया गया है कि इस समिति में विभिन्न स्तरों के नेताओं और संगठनों को शामिल किया गया है, ताकि अभियान को राष्ट्रीय से लेकर जमीनी स्तर तक प्रभावी ढंग से चलाया जा सके। समिति का उद्देश्य कार्यक्रमों की योजना बनाना, राज्यों में समन्वय स्थापित करना और आंदोलन की दिशा तय करना होगा।
कांग्रेस का आरोप है कि मौजूदा समय में मनरेगा योजना को कमजोर किया जा रहा है, जिससे ग्रामीण मजदूरों और गरीब परिवारों पर नकारात्मक असर पड़ रहा है। पार्टी का कहना है कि यह अभियान ग्रामीण रोजगार, मजदूरी भुगतान और सामाजिक सुरक्षा जैसे मुद्दों को लेकर जन-जागरूकता बढ़ाने के लिए चलाया जाएगा।
समन्वय समिति के तहत आने वाले दिनों में बैठकों, धरना-प्रदर्शनों और जनसभाओं का आयोजन किया जाएगा, ताकि सरकार पर मनरेगा से जुड़े मुद्दों पर ध्यान देने का दबाव बनाया जा सके।
कांग्रेस नेताओं का मानना है कि यह अभियान ग्रामीण भारत के हितों की रक्षा के लिए अहम भूमिका निभाएगा और आम लोगों की आवाज को मजबूती देगा।




