इंसाइट न्यूज 24, मध्य प्रदेश : मध्य प्रदेश के कटनी जिले में आयोजित माइनिंग कॉन्क्लेव 2.0 में राज्य सरकार को भारी सफलता हाथ लगी। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया कि इस सम्मेलन के दौरान कुल ₹56,414 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इन प्रस्तावों के साथ राज्य में खनन और खनिज आधारित उद्योगों के लिए नए अवसर खुलने जा रहे हैं।
इस कॉन्क्लेव में देश की कई बड़ी कंपनियों और शैक्षणिक संस्थानों ने भागीदारी की।
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कोल इंडिया ने खनन क्षेत्र में बड़े निवेश की घोषणा की।
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Texmin ISM धनबाद ने AI, IoT, ब्लॉकचेन और रिमोट सेंसिंग तकनीकों के उपयोग को लेकर समझौते किए।
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वहीं IISER भोपाल ने खनिज अनुसंधान में सहयोग देने की प्रतिबद्धता जताई।
सरकार का मानना है कि इस पहल से न केवल रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, बल्कि खनन क्षेत्र में पारदर्शिता और आधुनिक तकनीक का भी विस्तार होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस निवेश से मध्य प्रदेश को देश का अग्रणी खनन केंद्र बनाने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ाए जाएंगे।
इसके साथ ही, राज्य सरकार ने खनन क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधाओं और बुनियादी ढांचे को पब्लिक–प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर मजबूत करने की भी योजना पेश की।
विशेषज्ञों का कहना है कि इतने बड़े निवेश प्रस्ताव से आने वाले वर्षों में मध्य प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी और राज्य का औद्योगिक नक्शा और भी व्यापक होगा।




