इंसाइट न्यूज 24 ,नई दिल्ली: नई दिल्ली में हाल ही में हुई उच्चस्तरीय वार्ता के बाद भारत और चीन के बीच संबंधों में सकारात्मक बदलाव के संकेत देखने को मिले हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के विदेश मंत्री वांग यी की बैठक में कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई, जिनमें सबसे बड़ा निर्णय दोनों देशों के बीच सीधी उड़ानें फिर से शुरू करने का रहा।
पिछले कुछ वर्षों से सीमा तनाव और राजनयिक मतभेदों के चलते हवाई संपर्क, व्यापार और वीज़ा प्रक्रियाएँ प्रभावित हुई थीं। इस कारण दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों और आम नागरिकों की आवाजाही पर गहरा असर पड़ा। अब जब दोनों पक्षों ने आपसी सहयोग बढ़ाने की सहमति जताई है, तो यह न केवल आर्थिक गतिविधियों को गति देगा बल्कि सांस्कृतिक और शैक्षणिक आदान-प्रदान को भी आसान बनाएगा।
बैठक में यह भी चर्चा हुई कि सीमा व्यापार को सुचारू बनाने और वीज़ा प्रक्रिया को सरल बनाने पर काम किया जाएगा। विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि यह पहल जमीनी स्तर पर लागू होती है, तो दक्षिण एशिया में स्थिरता और सहयोग का नया दौर शुरू हो सकता है।
राजनयिक सूत्रों के मुताबिक, यह कदम दोनों देशों के लिए एक विश्वास बहाली प्रक्रिया का हिस्सा है। हालांकि, सीमा से जुड़े मुद्दे अब भी संवेदनशील हैं और इन पर निरंतर संवाद बनाए रखना आवश्यक होगा।
यह समझौता इस बात का संकेत है कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में भारत और चीन टकराव से ज्यादा सहयोग की राह पर आगे बढ़ना चाहते हैं।




