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भारतीय ज्ञान परम्परा युवाओं को सामाजिक बुराइयों से दूर रखने में सहायक: कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा

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कुरुक्षेत्र, 13 दिसंबर।
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के युवा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग, डी.ए.वी. पब्लिक स्कूल कुरुक्षेत्र तथा आर्य युवा समाज के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को धरोहर हरियाणा संग्रहालय के सामने स्थित लॉन में ‘नो नशा नेशन’ और ‘100 कुंडीय हवन’ कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज को नशा-मुक्त बनाना तथा भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों का संरक्षण एवं संवर्धन करना रहा।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि भारतीय ज्ञान परम्परा सामाजिक बुराइयों के निवारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि नशा आज युवाओं के लिए एक गंभीर सामाजिक चुनौती बन चुका है, जिससे निपटने के लिए शिक्षा, संस्कार और सामाजिक सहभागिता आवश्यक है। भविष्य की पीढ़ियों को सुरक्षित रखने के लिए सामूहिक प्रयास और सकारात्मक राष्ट्र ऊर्जा का निर्माण जरूरी है। ‘नो नशा नेशन’ जैसे अभियान युवाओं को सही दिशा देने में सहायक सिद्ध होते हैं।

कुलपति प्रो. सचदेवा ने कहा कि युवाओं को सत्कर्म और सदाचार की राह पर लाना होगा। घर-घर जागरण और सामाजिक जिम्मेदारी का भाव विकसित करना समय की मांग है। उन्होंने वैदिक जीवनशैली अपनाने की प्रेरणा देते हुए कहा कि सभी को नशा न करने और दूसरों को भी इसके लिए जागरूक करने का संकल्प लेना चाहिए। इस अवसर पर उपस्थित सभी लोगों ने नशा न करने की शपथ भी ली।

उन्होंने 100 कुंडीय हवन को भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक चेतना और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक बताते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से समाज में सद्भाव, शांति और नैतिक मूल्यों का प्रसार होता है। कार्यक्रम के दौरान विधिवत वैदिक मंत्रोच्चार के साथ 100 कुंडीय हवन संपन्न कराया गया, जिसमें कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा, डॉ. ममता सचदेवा, कुलसचिव डॉ. वीरेन्द्र पाल, डी.ए.वी. पब्लिक स्कूल की प्राचार्या श्रीमती गीता जसूजा, युवा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग के निदेशक प्रो. विवेक चावला, लोक सम्पर्क विभाग के निदेशक प्रो. महासिंह पूनिया, प्रो. प्रीति जैन सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक, विद्यार्थी, स्कूल के छात्र-छात्राएं, अभिभावक एवं शहर के गणमान्य नागरिकों ने आहुति डालकर नशा-मुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लिया। हवन के माध्यम से पर्यावरण शुद्धि, सामाजिक चेतना और राष्ट्र कल्याण की कामना की गई।

कार्यक्रम में डी.ए.वी. पब्लिक स्कूल की प्राचार्या श्रीमती गीता जसूजा को कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा एवं डॉ. ममता सचदेवा द्वारा स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। कुलसचिव डॉ. वीरेन्द्र पाल ने कहा कि आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवाओं को नशे से दूर रखकर उन्हें सकारात्मक, रचनात्मक और सांस्कृतिक गतिविधियों से जोड़ना है। कार्यक्रम में डी.ए.वी. स्कूल के विद्यार्थियों ने नशा विरोधी संदेशों से समाज को जागरूक किया, जबकि विकास रल्हन ने वैदिक भजन प्रस्तुत कर वातावरण को आध्यात्मिक बना दिया।

डी.ए.वी. पब्लिक स्कूल की प्राचार्या श्रीमती गीता जसूजा ने कहा कि यह आयोजन न केवल सांस्कृतिक और आध्यात्मिक रूप से यादगार रहा, बल्कि नशा-मुक्त भारत के संकल्प को और अधिक सशक्त करने वाला सिद्ध हुआ।

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