कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र जिले में नरवाना ब्रांच (भाखड़ा) नहर से एक युवक का शव मिलने के बाद पुलिस की चौकी और थाना कर्मियों के बीच अधिकार क्षेत्र को लेकर विवाद हो गया। दोनों पक्षों के बीच कहासुनी के चलते करीब चार घंटे तक शव नहर किनारे ही पड़ा रहा। बाद में थाना प्रभारी के निर्देश के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर अस्पताल भिजवाया।
जानकारी के मुताबिक, दोपहर करीब 12:30 बजे बारना गांव के मोहन लाल और दीपक ने गोताखोर प्रगट सिंह को नहर में एक शव बहता दिखाई देने की सूचना दी। सूचना मिलते ही प्रगट सिंह अपनी टीम के साथ बारना और कैंथला गांव के बीच मौके पर पहुंचे और कुछ ही समय में शव को नहर के किनारे निकाल लिया।
इसके बाद गोताखोर ने डायल-112 को सूचित किया। सूचना मिलते ही थाना केयूके और ज्योतिसर पुलिस चौकी के कर्मचारी एंबुलेंस के साथ मौके पर पहुंचे। इसी दौरान यह विवाद खड़ा हो गया कि घटना किस क्षेत्र की सीमा में आती है।
पुलिसकर्मियों में बहस, एंबुलेंस भी लौटी
गोताखोर प्रगट सिंह के अनुसार, दोनों पक्षों के पुलिसकर्मियों के बीच काफी देर तक बहस चलती रही। इस दौरान वे एक-दूसरे पर कार्रवाई करने की बात भी करने लगे। विवाद के चलते एंबुलेंस भी बिना शव लिए वापस लौट गई और शव करीब चार घंटे तक नहर किनारे रस्सी से बंधा पड़ा रहा।
गोताखोर ने बताया कि जब मामला लंबा खिंचने लगा तो वह अपनी टीम के साथ शव को बाइक पर रखकर एसपी कार्यालय ले जाने की तैयारी करने लगे। इसके बाद मामला अधिकारियों के संज्ञान में आया और तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
जेब से मिली अस्पताल की पर्ची
पुलिस को मृतक की जेब से एलएनजेपी अस्पताल की एक पर्ची मिली, जिस पर संदीप कुमार नाम लिखा हुआ था। पर्ची पर पता दर्ज नहीं था, लेकिन इसी आधार पर आगे की जांच की गई। बाद में युवक की पहचान रावगढ़ गांव निवासी करीब 25 वर्षीय संदीप कुमार के रूप में हुई।
गोताखोर के मुताबिक शव पर किसी तरह की बाहरी चोट के निशान नहीं मिले हैं। अनुमान है कि युवक सुबह 11 बजे से दोपहर 12 बजे के बीच नहर में गिरा होगा।
पोस्टमार्टम के बाद साफ होगी स्थिति
ज्योतिसर पुलिस चौकी के एएसआई जोधा राम ने बताया कि शव को एलएनजेपी अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया गया है। शनिवार को पोस्टमार्टम कराया जाएगा। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार संदीप मानसिक रूप से परेशान रहता था और अकेला रहता था। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।




