फरीदाबाद। सेक्टर-15ए निवासी चार्टर्ड अकाउंटेंट डीसी गर्ग ने भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की सेक्टर-15 शाखा पर गंभीर लापरवाही और अनियमितता के आरोप लगाए हैं। गर्ग का कहना है कि बैंक ने बिना पूर्व सूचना और निर्धारित नियमों का पालन किए उनका लॉकर खोलकर किसी अन्य ग्राहक को आवंटित कर दिया। आरोप है कि लॉकर में रखे गए करोड़ों रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण भी अब वहां नहीं हैं। मामले की शिकायत पुलिस को दी गई है। पुलिस ने बैंक प्रबंधन से संबंधित दस्तावेज और रिकॉर्ड पेश करने को कहा है।
वर्षों से चल रहा खाता, हाल में किया था लॉकर इस्तेमाल
डीसी गर्ग के अनुसार उनका एसबीआई सेक्टर-15 शाखा में वर्ष 2014 से खाता है। बैंक हर साल खाते से लॉकर शुल्क वसूलता रहा है और लॉकर की मूल चाबी भी उन्हीं के पास है। उन्होंने बताया कि लॉकर में करीब एक किलो सोना और लगभग तीन किलो चांदी के जेवरात रखे थे। करीब आठ महीने पहले उन्होंने आखिरी बार लॉकर खोला था।
बैंक पहुंचने पर सामने आई हैरान करने वाली स्थिति
हाल ही में जब उनकी पत्नी नीलम गर्ग लॉकर ऑपरेट कराने बैंक पहुंचीं, तो कर्मचारियों ने बताया कि संबंधित लॉकर अब उनके नाम पर दर्ज नहीं है। लॉकर नंबर बताने पर जानकारी दी गई कि वह किसी अन्य व्यक्ति के नाम आवंटित है।
चाबी काम नहीं आई, मैनेजर से की बात
नीलम गर्ग कर्मचारियों के साथ लॉकर रूम तक गईं, लेकिन उनकी चाबी से लॉकर नहीं खुल सका। इसके बाद डीसी गर्ग ने शाखा प्रबंधक पवन रावत से संपर्क किया। आरोप है कि बैंक प्रबंधन ने स्वीकार किया कि लॉकर को तोड़कर उस पर नया ताला लगाकर किसी अन्य ग्राहक को सौंप दिया गया।
नियमों के उल्लंघन का आरोप
डीसी गर्ग का कहना है कि लॉकर तोड़ने से पहले उन्हें कोई लिखित सूचना नहीं दी गई। प्रक्रिया के दौरान न तो वीडियोग्राफी कराई गई और न ही स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में कार्रवाई हुई। इसके अलावा लॉकर में रखे सामान की कोई सूची भी उन्हें नहीं सौंपी गई।
बैंक और पुलिस का पक्ष
मामले पर एसबीआई के क्षेत्रीय प्रबंधक अनिल दलाल ने बताया कि प्रकरण की आंतरिक जांच चल रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की जानकारी साझा की जाएगी।
सेक्टर-15 पुलिस चौकी प्रभारी ओमप्रकाश ने बताया कि बैंक की ओर से यह दावा किया गया है कि डीसी गर्ग ने स्वयं लॉकर सरेंडर किया था। पुलिस ने बैंक से सरेंडर से जुड़े दस्तावेज मांगे हैं। यदि रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराए गए, तो नियमानुसार मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।




