यमुनानगर (हरियाणा)।
हरियाणा के यमुनानगर जिले के प्रतापनगर में गुरुवार सुबह दिल दहला देने वाला हादसा हुआ। बस में सवार होने की जल्दबाजी में 6 छात्राएं बस के पिछले पहियों के नीचे आ गईं। इनमें से एक छात्रा आरती की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि बाकी छात्राएं घायल हैं। हादसे के बाद बस ड्राइवर को निलंबित कर दिया गया है।
चलती बस में चढ़ने की कोशिश बनी हादसे की वजह
सुबह करीब 8 बजे प्रतापनगर बस स्टैंड पर बड़ी संख्या में छात्राएं अपने कॉलेज और स्कूल जाने के लिए बस का इंतजार कर रही थीं। तभी पांवटा साहिब से दिल्ली जा रही हरियाणा रोडवेज की बस पहुंची। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बस अभी पूरी तरह रुकी भी नहीं थी कि स्टूडेंट्स उसमें चढ़ने लगे। इसी दौरान धक्का लगने से छह छात्राएं नीचे गिर गईं और बस का पिछला पहिया उनके ऊपर से गुजर गया।
मृतक छात्रा आरती थी बीकॉम फाइनल की स्टूडेंट
हादसे में घायल हुई छात्राओं में कुटीपुर की आरती, प्रतापनगर की अर्चिता, टिब्बी की मुस्कान, बहादुरपुर की संजना, अंजलि और अमनदीप शामिल हैं। आरती के पेट के ऊपर से पहिया गुजरने से उसकी हालत गंभीर हो गई और इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। वह अग्रसेन कॉलेज में बीकॉम फाइनल ईयर की छात्रा थी। बाकी छात्राओं को गंभीर चोटें आई हैं।
अस्पताल में नहीं थी एक्स-रे सुविधा, रेफर करनी पड़ीं छात्राएं
घायलों को पहले प्रतापनगर के कम्युनिटी हेल्थ सेंटर (CHC) लाया गया। डॉक्टरों को फ्रैक्चर का संदेह था, लेकिन सेंटर में एक्स-रे की सुविधा न होने के कारण छात्राओं को यमुनानगर सिविल अस्पताल रेफर करना पड़ा। कई अभिभावक अपने बच्चों को निजी अस्पतालों में ले गए।
“बस ड्राइवर ने अचानक गाड़ी चला दी” — छात्राओं के आरोप
बीटेक की छात्रा अर्चिता ने बताया, “बस स्टैंड पर हम सभी बस के इंतजार में थे। बस आते ही हम आगे के दरवाजे से चढ़ने लगे, तभी ड्राइवर ने अचानक बस चला दी। आठ से दस छात्राएं नीचे गिर गईं और पीछे के टायर उनके ऊपर चढ़ गए।”
बीसीए फाइनल ईयर की छात्रा अंजलि ने कहा, “इस रूट पर बसों की संख्या बहुत कम है, इसलिए रोज जान जोखिम में डालकर कॉलेज जाना पड़ता है। ड्राइवर की लापरवाही से यह हादसा हुआ।”
हादसे के बाद स्टूडेंट्स का हंगामा
दुर्घटना के बाद गुस्साए स्टूडेंट्स ने बस अड्डे पर प्रदर्शन किया और यमुनानगर जाने वाली सभी बसों को रोक दिया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर छात्रों को शांत कराने की कोशिश की। SHO नरसिंह ने बताया कि ड्राइवर अनिल और कंडक्टर कमल को थाने में बैठाया गया है और दोनों का मेडिकल कराया जा रहा है।
अभिभावकों ने बढ़ती भीड़ और बसों की कमी पर जताई नाराज़गी
अभिभावकों ने बताया कि प्रतापनगर और आसपास के गांवों से रोजाना करीब 300 स्टूडेंट्स कॉलेज के लिए निकलते हैं, लेकिन बसों की संख्या बहुत कम है। बसों की कमी के कारण कई छात्राओं को प्राइवेट कैब का सहारा लेना पड़ता है, जिसकी मासिक फीस करीब 2 हजार रुपये है। सरकारी बसों में छात्राओं को मुफ्त यात्रा सुविधा होने के बावजूद सीमित बसों की वजह से उन्हें जोखिम उठाना पड़ता है।




