कुरुक्षेत्र, थानेसर से पूर्व विधायक साहब सिंह सैनी का निधन हो गया। उन्होंने शुक्रवार शाम करीब 4 बजे पंचकूला के एक निजी अस्पताल में अंतिम सांस ली। वे पिछले एक सप्ताह से अस्पताल में भर्ती थे और उम्र से संबंधित बीमारियों से जूझ रहे थे। उनके निधन से राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर है।
पूर्व विधायक साहब सिंह सैनी की पार्थिव देह का अंतिम संस्कार आज कुरुक्षेत्र के देवीदासपुरा श्मशान घाट में किया जाएगा।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए लिखा कि पूर्व विधायक साहब सिंह सैनी के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने चरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिवार को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
7 दिसंबर को 85 वर्ष के हुए साहब सिंह सैनी कुरुक्षेत्र के सेक्टर-13 में अपने परिवार के साथ रहते थे। उनका जन्म 7 दिसंबर 1940 को कुरुक्षेत्र जिले के बाबैन खंड के फालसंडा गांव में हुआ था। उनकी पत्नी जमंत्री देवी का वर्ष 2016 में निधन हो गया था। उनके दो बेटे विनोद सैनी और तुषार सैनी अधिवक्ता हैं।
साहब सिंह सैनी ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत वर्ष 1982 में लोकदल के टिकट पर की थी। अपने पहले ही चुनाव में उन्होंने 22 हजार 893 वोट प्राप्त कर कांग्रेस उम्मीदवार ओमप्रकाश गर्ग को 2 हजार 195 वोटों से हराकर विधायक बनने का गौरव हासिल किया। इसके बाद उन्हें ग्रामीण विकास एवं हस्तशिल्प उद्योग का चेयरमैन भी बनाया गया।
वर्ष 1987 में उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा, लेकिन लोकदल के गुरदियाल सिंह से हार का सामना करना पड़ा। बाद में वे हरियाणा विकास पार्टी के संस्थापक बंसी लाल के साथ जुड़े और इसी पार्टी से 1991 और 1996 में चुनाव लड़े, हालांकि दोनों बार उन्हें तीसरे स्थान से संतोष करना पड़ा। 1996 के बाद उन्होंने सक्रिय चुनावी राजनीति से दूरी बना ली।
इसके बाद साहब सिंह सैनी कांग्रेस में शामिल हो गए और वर्ष 2004 में उन्हें कुरुक्षेत्र जिला कांग्रेस अध्यक्ष बनाया गया। करीब 10 वर्षों तक कांग्रेस में रहने के बाद वर्ष 2014 में उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया।
पूर्व विधायक साहब सिंह सैनी के निधन से कुरुक्षेत्र ने एक अनुभवी और वरिष्ठ राजनेता को खो दिया है।




