नूंह।
हरियाणा के नूंह जिले में प्रस्तावित विश्वविद्यालय की स्थापना को लेकर नगीना खंड के गांव नांगल मुबारिकपुर को चुने जाने की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। गांव के पंच-सरपंचों, जिला पार्षदों, ब्लॉक समिति सदस्यों और गोत्र पालों के चौधरियों ने एकजुट होकर इस गांव को उपयुक्त स्थल घोषित करने की मांग रखी है।
पंचायत के पास सैकड़ों एकड़ भूमि उपलब्ध
जनप्रतिनिधियों ने बताया कि ग्राम पंचायत नांगल मुबारिकपुर के पास करीब 800 एकड़ पंचायत भूमि उपलब्ध है। फरवरी 2019 में पंचायत की बैठक में विश्वविद्यालय स्थापना के लिए 180 एकड़ भूमि निशुल्क देने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया जा चुका है।
मुख्यमंत्री के नाम सौंपा गया ज्ञापन
गांव के प्रतिनिधिमंडल ने नूंह के जिला उपायुक्त अखिल पिलानी से मुलाकात कर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। पंचायत प्रतिनिधियों ने आश्वासन दिया कि भविष्य में विश्वविद्यालय के विस्तार के लिए अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता होने पर भी पंचायत पूरा सहयोग देगी।
जिले के केंद्र में स्थित होने का लाभ
सरपंच अजहरुद्दीन, बिलाल अहमद, अजीज हुसैन और राजूदीन ने कहा कि नांगल मुबारिकपुर भौगोलिक रूप से नूंह जिले के लगभग मध्य में स्थित है। नूंह, पुन्हाना और फिरोजपुर झिरका जैसे प्रमुख क्षेत्रों से इसकी दूरी लगभग समान होने के कारण छात्रों को आवागमन में सुविधा मिलेगी।
हाईवे और एक्सप्रेसवे से बेहतर जुड़ाव
प्रतिनिधियों के अनुसार गांव दिल्ली-अलवर हाईवे 248-ए से लगभग 3 किलोमीटर, नगीना-तिजारा रोड से करीब 4 किलोमीटर और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के मरोड़ा कट से कुछ ही दूरी पर स्थित है। यह क्षेत्र नगीना-बड़कली चौक के पास और जिला नागरिक अस्पताल मांडीखेड़ा के नजदीक है।
शिक्षा के लिए अनुकूल प्राकृतिक वातावरण
गांव में मीठे पानी की उपलब्धता, स्वच्छ वातावरण और चारों ओर अरावली की हरियाली मौजूद है, जो किसी भी बड़े शैक्षणिक संस्थान के लिए उपयुक्त मानी जा रही है।
पूरे जिले को होगा लाभ
पिनगवां से करीब 15 किलोमीटर तथा पुन्हाना, नूंह, फिरोजपुर झिरका और तावडू से 20 से 45 किलोमीटर के दायरे में स्थित होने के कारण यह स्थान पूरे जिले के विद्यार्थियों के लिए सुविधाजनक रहेगा। जिला उपायुक्त ने भी माना है कि नांगल मुबारिकपुर जिले के मध्य में स्थित है, जो स्थल चयन में एक महत्वपूर्ण आधार है।
शिक्षा और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
इस अवसर पर चौधरी आस मोहम्मद जमादार ने जिलेवासियों और जनप्रतिनिधियों से अपील की कि वे नांगल मुबारिकपुर में विश्वविद्यालय स्थापना के लिए सहयोग करें। उन्होंने कहा कि नगीना क्षेत्र मेवात का केंद्र माना जाता है और यहां विश्वविद्यालय खुलने से शिक्षा, रोजगार और विकास की नई संभावनाएं बनेंगी।




