नए साल की शुरुआत के साथ ही कांग्रेस ने हरियाणा में संगठन को धार देने की कवायद शुरू कर दी है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी जनवरी माह में हरियाणा का दौरा करेंगे। इस दौरान वह दो दिन कुरुक्षेत्र में प्रवास कर हरियाणा और उत्तराखंड के कांग्रेस जिला अध्यक्षों को राजनीतिक और संगठनात्मक प्रशिक्षण देंगे। कांग्रेस की रणनीति है कि आने वाले चुनावों की लड़ाई केवल सभाओं तक सीमित न रहे, बल्कि बूथ और जिला स्तर पर मजबूत आधार तैयार किया जाए।
इसी रणनीति के तहत 13 से 22 जनवरी तक कुरुक्षेत्र में जिला अध्यक्षों के लिए 10 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जा रहा है। यह शिविर ब्रह्मसरोवर के पास स्थित पंजाबी धर्मशाला में लगेगा, जिसे पूरे शिविर काल में कांग्रेस का रणनीतिक केंद्र बनाया जाएगा। दोनों राज्यों में हाल ही में संगठन सृजन कार्यक्रम के तहत नियुक्त जिला अध्यक्षों के लिए यह कैंप बेहद अहम माना जा रहा है।
हरियाणा PCC संभालेगी जिम्मेदारी
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के प्रशिक्षण विभाग के मार्गदर्शन में आयोजित इस शिविर की सभी व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी को दी गई है। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल की ओर से हरियाणा और उत्तराखंड के प्रदेश अध्यक्षों को इस संबंध में आधिकारिक सूचना भेजी जा चुकी है। प्रशिक्षण शिविर में दोनों राज्यों के कांग्रेस विधायक दल के नेता भी शामिल होंगे।
दिग्गज नेताओं का मिलेगा मार्गदर्शन
शिविर के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, पार्टी वॉर रूम प्रभारी शशिकांत सेंथिल, झारखंड प्रभारी के. राजू, केसी वेणुगोपाल और हरियाणा प्रभारी बीके हरिप्रसाद अलग-अलग सत्रों में जिला अध्यक्षों से संवाद करेंगे। इन सत्रों में चुनावी प्रबंधन, जमीनी रणनीति और संगठन के बेहतर तालमेल पर चर्चा होगी। पार्टी सूत्रों के अनुसार राहुल गांधी स्वयं दो दिन तक शिविर में मौजूद रहेंगे।
पंचायत से लेकर संविधान तक फोकस
प्रशिक्षण के दौरान जिला अध्यक्षों को भाजपा और आरएसएस की राजनीति का जवाब देने, संविधान से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाने, अनुसूचित जाति और जनजाति से संबंधित सवालों पर प्रभावी आवाज बुलंद करने तथा सांप्रदायिक राजनीति का सामना करने की रणनीति सिखाई जाएगी। इसके साथ ही पंचायत स्तर पर संगठन विस्तार, बूथ प्रबंधन, जन आंदोलनों की तैयारी और ‘कांग्रेस मिशन 2029’ पर विशेष सत्र भी आयोजित किए जाएंगे।
शिविर की एक विशेष पहल के तहत राहुल गांधी एक दिन जिला अध्यक्षों के परिजनों से भी मुलाकात करेंगे। इस दौरान वह उनके बच्चों से शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं और भविष्य की योजनाओं पर संवाद करेंगे।
एक समान संगठनात्मक सोच पर जोर
कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि संगठन की कार्यशैली और विचारधारा पूरे देश में एक जैसी होनी चाहिए। इसी सोच के तहत हरियाणा और उत्तराखंड के जिला अध्यक्षों को एक साथ प्रशिक्षण दिया जा रहा है। पार्टी का दावा है कि यदि जिलाध्यक्ष शुरुआत से ही स्पष्ट दिशा, मजबूत वैचारिक समझ और ठोस चुनावी रणनीति के साथ काम करेंगे, तो संगठन को जमीनी स्तर पर तेजी से मजबूती मिलेगी।




