इंसाइट न्यूज 24, कुरुक्षेत्र, 4 सितम्बर : कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के रसायन शास्त्र विभाग ने “हमारे दैनिक जीवन में समरूपता” विषय पर एक विस्तार व्याख्यान का आयोजन किया, जिसमें समरूपता को जीवन की जटिल समस्याओं के समाधान का वैज्ञानिक आधार बताया गया।
मुख्य वक्ता, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के वरिष्ठ प्रो. दया शंकर पाण्डेय ने कहा, “वास्तविक जीवन में समरूपता का उपयोग समस्याओं को अधिक आसानी से हल करने के लिए किया जाता है। यह मनुष्यों को उनकी क्षमताओं का एक अतिरिक्त विस्तार भी प्रदान करती है।”
कुलसचिव लेफ्टिनेंट डॉ. वीरेन्द्र पाल ने समरूपता की सर्वव्यापकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह सिद्धांत प्रकृति, वास्तुकला, कला, विज्ञान और मानव शरीर तक में दिखाई देता है। “समरूपता स्थिरता और व्यवस्था प्रदान करती है, जिससे वस्तुएँ संतुलित और सौंदर्यपूर्ण लगती हैं,” उन्होंने कहा।
कार्यक्रम में प्राचार्या प्रो. रीटा, प्रो. ज्ञान प्रकाश दुबे, डॉ. सतीश कुमार, डॉ. सुरेंद्र कुमार, डॉ. संजय शर्मा, डॉ. सचिन यादव और कार्यक्रम समन्वयक डॉ. संतोष कुमार दुबे सहित अनेक शिक्षक, शोधार्थी और छात्र उपस्थित रहे।




