कुरुक्षेत्र, 14 दिसम्बर।
भारतीय रेडक्रॉस समिति हरियाणा राज्य शाखा, चण्डीगढ़ द्वारा गीता ज्ञान संस्थानम, कुरुक्षेत्र में आयोजित पांच दिवसीय जूनियर रेडक्रॉस प्रशिक्षण शिविर (लड़कियों के लिए) के तीसरे दिन प्रशिक्षण गतिविधियां उत्साहपूर्वक जारी रहीं। दिन की शुरुआत प्रातःकालीन योग सत्र एवं ध्वजारोहण के साथ की गई।
मास्टर ट्रेनर अंजू शर्मा और प्रवक्ता कृष्ण कुक्कड़ ने चौकिंग, ब्लीडिंग, फ्रैक्चर, प्राथमिक चिकित्सा एवं गृह परिचर्या जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रायोगिक प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को बताया गया कि किसी दुर्घटना में अत्यधिक रक्तस्राव व्यक्ति की जान के लिए खतरा बन सकता है, लेकिन चोट वाली जगह पर लगभग दस मिनट तक प्रत्यक्ष दबाव डालकर बहते खून को रोका जा सकता है। इस व्यावहारिक जानकारी को सीखने में जूनियर्स और काउंसलर्स ने विशेष रुचि दिखाई।
इसके उपरांत शिविर में नाटिका प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें जूनियर्स व काउंसलर्स ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। शिविर निदेशक विनीत गाबा ने स्वच्छता अभियान एवं बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ संदेश के साथ एक जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रैली गीता ज्ञान संस्थानम से प्रारंभ होकर ब्रह्मसरोवर होते हुए कृष्ण संग्रहालय पहुंची। इस दौरान प्रतिभागियों को पैनोरमा, कृष्ण संग्रहालय एवं तिरुपति बालाजी मंदिर का भ्रमण भी कराया गया।
राज्य रेडक्रॉस मुख्यालय, चण्डीगढ़ से जे.आर.सी. समन्वयक रामाशीष मंडल ने रेडक्रॉस एवं जूनियर रेडक्रॉस के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए बताया कि जूनियर रेडक्रॉस रेडक्रॉस का वह हिस्सा है जो विद्यालयों में सक्रिय रूप से कार्य करता है। उन्होंने बताया कि रेडक्रॉस की स्थापना वर्ष 1863 में हुई थी और 1922 में यह निर्णय लिया गया कि प्रत्येक राष्ट्रीय रेडक्रॉस सोसायटी विद्यार्थियों के लिए जूनियर रेडक्रॉस की स्थापना करेगी। जूनियर रेडक्रॉस के तीन मुख्य आदर्श स्वास्थ्य, सेवा और मित्रता हैं।
इस अवसर पर संयुक्त शिविर निदेशिका सुमन बाला, मास्टर ट्रेनर अंजू शर्मा, कृष्ण कुक्कड़, ओमप्रकाश गांधी, हितेश रानी, कर्मजीत शर्मा, अनीता मलिक, इन्दु असीजा, अंकुश, राजेश कपूर, रंजीत कुमार और नन्दलाल सहित अनेक गणमान्य उपस्थित रहे।




