अंबाला।
अंबाला जिले में एक बार फिर पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस बार कोई आरोपी जेल से नहीं, बल्कि थाने की पुलिस कस्टडी से फरार हो गया। यह घटना न केवल पुलिस की लापरवाही को उजागर करती है, बल्कि जिले में सुरक्षा व्यवस्था की कमजोरियों को भी सामने लाती है।
जानकारी के अनुसार, अंबाला शहर थाना पुलिस ने चोरीशुदा एक्टिवा बेचने के आरोप में कन्हैया उर्फ ननकु, निवासी पुरानी घास मंडी, अंबाला शहर को 7 नवंबर 2025 को गिरफ्तार किया था। शनिवार को आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से पुलिस को एक दिन का रिमांड मिला। इसी रिमांड अवधि के दौरान शनिवार और रविवार की मध्यरात्रि, यानी रात करीब 12 से 1 बजे के बीच, आरोपी थाने की हवालात से फरार हो गया।
सूत्रों के मुताबिक, आरोपी को थाने के हवालात में रखा गया था, लेकिन रात के दौरान उसने मौका पाकर पुलिस को चकमा दे दिया और फरार हो गया। जैसे ही घटना का पता चला, थाने में अफरा-तफरी मच गई। थाना प्रभारी सुरेश कुमार को तुरंत सूचना दी गई और आसपास के इलाकों में तलाशी अभियान शुरू किया गया।
ड्यूटी कर्मचारियों पर लापरवाही का आरोप
घटना के बाद पुलिस विभाग ने ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों से पूछताछ शुरू कर दी है। थाना प्रभारी सुरेश कुमार ने बताया, “आरोपी की तलाश जारी है, उसे जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।”
हालांकि, यह सवाल उठ रहा है कि थाने की चारदीवारी और हवालात जैसी सुरक्षित जगह से कोई आरोपी आखिर भाग कैसे गया?
विशेषज्ञों का कहना है कि यह घटना ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों की लापरवाही का नतीजा है। रात के समय निगरानी में कमी और सतर्कता की कमी के कारण आरोपी को भागने का मौका मिल गया। विभागीय जांच शुरू कर दी गई है, लेकिन स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या हर बार सिर्फ जांच कर देना ही पर्याप्त है?
पहले भी भाग चुके हैं आरोपी
यह कोई पहली घटना नहीं है जब अंबाला में आरोपी पुलिस की गिरफ्त से फरार हुआ हो। इससे पहले अंबाला सेंट्रल जेल से भी एक बंदी भाग चुका है, जिसे आज तक पुलिस नहीं पकड़ सकी है। अब थाने से आरोपी के भागने की घटना ने पुलिस की साख पर और गहरा दाग लगा दिया है।
जनता में घटा भरोसा
लगातार हो रही ऐसी घटनाओं से जनता का पुलिस पर भरोसा डगमगाने लगा है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब आरोपी थाने और जेल से सुरक्षित नहीं रखे जा सकते, तो आम नागरिकों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाएगी?
फिलहाल पुलिस ने आरोपी कन्हैया उर्फ ननकु की तलाश में कई टीमों को लगाया है। ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों से पूछताछ जारी है और विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं। लेकिन यह घटना अंबाला पुलिस के लिए एक बार फिर आत्ममंथन का विषय बन गई है।
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