इंसाइट न्यूज 24: भारत और अमेरिका के बीच चल रहे व्यापारिक तनाव के बीच विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने साफ शब्दों में कहा है कि भारत अपनी ऊर्जा नीति और राष्ट्रीय हितों से कोई समझौता नहीं करेगा। रूस से कच्चे तेल के आयात पर सवाल उठाए जाने पर जयशंकर ने दो टूक जवाब देते हुए कहा— “अगर आपको पसंद नहीं है, तो मत खरीदिए।”
उनका यह बयान उन देशों के लिए स्पष्ट संदेश माना जा रहा है जो भारत पर दबाव डालने की कोशिश कर रहे हैं। जयशंकर ने कहा कि भारत अपने नागरिकों की ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता को प्राथमिकता देता है। इसलिए किसी भी बाहरी दबाव या प्रतिबंध के कारण अपनी नीतियों में बदलाव करना संभव नहीं है।
उन्होंने यह भी कहा कि वैश्विक व्यापार और ऊर्जा बाज़ार में सभी देशों को अपनी-अपनी ज़रूरतों के आधार पर फैसले करने का अधिकार है। भारत, वैश्विक साझेदारियों में विश्वास रखता है, लेकिन “रेड लाइन” पार करने की इजाज़त किसी को नहीं देगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि जयशंकर का यह बयान भारत की रणनीतिक स्वायत्तता को दोहराता है और यह संकेत देता है कि आने वाले दिनों में भारत, अमेरिका समेत सभी साझेदारों के साथ अपनी शर्तों पर बातचीत जारी रखेगा।




