इंसाइट न्यूज 24: चंडीगढ़ का प्रसिद्ध कैपिटल कॉम्प्लेक्स, जिसे विश्व धरोहर स्थल का दर्जा हासिल है, अब एक विशेष “हेरिटेज शील्ड” के तहत सुरक्षित किया जाएगा। प्रशासन ने इस ऐतिहासिक परिसर के चारों ओर लगभग 10 से 12 किलोमीटर के दायरे में विकास कार्यों को नियंत्रित करने के लिए एक बफर ज़ोन प्रबंधन योजना तैयार करने की जिम्मेदारी आईआईटी रुड़की को सौंपी है।
इस योजना का उद्देश्य कैपिटल कॉम्प्लेक्स के स्थापत्य महत्व और सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित करना है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आसपास अनियंत्रित निर्माण होते रहे, तो इस क्षेत्र की मूल धरोहर छवि को नुकसान पहुँच सकता है।
कैपिटल कॉम्प्लेक्स, जिसे मशहूर वास्तुकार ले कोर्बुज़िए ने डिज़ाइन किया था, भारतीय लोकतंत्र के स्थापत्य इतिहास का अहम हिस्सा है। यहाँ विधानसभा भवन, सचिवालय और उच्च न्यायालय जैसे महत्वपूर्ण भवन मौजूद हैं।
प्रशासन का कहना है कि नई योजना लागू होने के बाद इस क्षेत्र में निर्माण और विकास से जुड़े नियम और सख्त हो जाएंगे। साथ ही, स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों को भी इस धरोहर के महत्व के बारे में जागरूक किया जाएगा।
यह कदम न केवल चंडीगढ़ की पहचान को और मजबूत करेगा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए इस धरोहर को संरक्षित भी रखेगा।




