17 अगस्त की सुबह लगभग 5:30 से 6:00 बजे के बीच, गुरुग्राम के सेक्टर 57 में एल्विश यादव के घर पर अचानक गोलियाँ चलीं। मोटरसाइकिल पर आए तीन नकाबपोश हमलावरों ने घर की ओर लगभग दो दर्जन से ज्यादा गोलियाँ दागीं।
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कैद कैमरे की रिकॉर्डिंग में देखा गया कि दो हमलावर दरवाजे और बालकनी की ओर गोलियाँ चला रहे थे, जबकि तीसरा साथ खड़ा था।
- इस हमले से घर की खिड़कियाँ टूट गईं और दीवारों में गोली के निशान देखे गए, लेकिन बड़ी राहत की बात यह रही कि कोई घायल नहीं हुआ।
पीछे कौन? — एक गैंग ने उठाया जिम्मा
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कुछ ही घंटों में, “भाऊ गैंग” के नाम से कुख्यात गिरोह ने जिम्मेदारी ली और सोशल मीडिया पर एल्विश यादव पर “बेटिंग ऐप्स का प्रचार” करने का आरोप लगाया।
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परिवार ने स्पष्ट किया कि उन्हें किसी प्रकार का पूर्व चेतावनी या धमकी नहीं मिली थी।
सुरक्षा व्यवस्था में सेंध — लाने वाला पुलिस का जवाब
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गुरुग्राम पुलिस ने FIR दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी, जिसमें हत्या का प्रयास और हथियार अधिनियम के तहत प्रावधान शामिल हैं।
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22 अगस्त की सुबह, फरीदाबाद क्राइम ब्रांच ने इस मामले का एक महत्वपूर्ण कदम उठाया — उन्होंने आरोपी इशांत, उर्फ़ इशु गांधी को गिरफ्तार करने की सूचना दी।
गिरफ्तारी का ड्रामा — एनकाउंटर हुआ
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पुलिस टीम ने उसे तिगांव रोड, फारिदपुर गांव के पास रोका तो उस पर गोलीबारी की गई। जवाब में पुलिस ने पैर में गोली मारकर उसे गिरफ्तार किया। उन्होंने उस समय 4 से 4:30 बजे के बीच यह कार्रवाई की।
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आरोपी को अस्पताल में ले जाया गया है और वह अब पुलिस हिरासत में है जहां उसे पूछताछ की तैयारी चल रही है।
परिवार की चिंता और सोशल मीडिया की प्रतिक्रिया
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घटना के बाद, एल्विश यादव के घर में सन्नाटा पसरा हुआ है। उनके पिता दिल्ली चले गए हैं और मां रिश्तेदारों के पास हैं। हमले के बाद उनका परिवार सुरक्षित जगहों पर रहने का निर्णय कर चुका है।
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हालांकि एल्विश खुद शूटिंग में व्यस्त होने के चलते घर नहीं लौटे, लेकिन उन्होंने सोशल मीडिया के ज़रिए बताया कि वे और उनका परिवार सुरक्षित हैं।
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सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर जबरदस्त प्रतिक्रियाएँ और मीम्स बनाए जा रहे हैं — कुछ ने इसे हास्य के रूप में लिया, तो कुछ ने यह चिंता ज़ाहिर की कि ऑनलाइन हिस्सेदारी कितनी खतरनाक साबित हो सकती है।




