श्री कृष्ण कृपा गौशाला में हुआ गौ पूजन, स्वामी जी ने गायों को खिलाया गुड़ और हरा चारा
कुरुक्षेत्र, 29 अक्तूबर।
श्री कृष्ण कृपा गौशाला में गौपाष्टमी उत्सव श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज के सानिध्य में गायों की आरती उतारी गई और विधिवत पूजन किया गया। स्वामी जी ने गौमाता को गुड़ और हरा चारा खिलाकर सेवा का संदेश दिया।
इस अवसर पर श्री कृष्ण कृपा गौशाला के प्रधान सुनील वत्स, चेयरमैन हंसराज सिंगला, महासचिव पवन भारद्वाज, कैशियर रमाकांत शर्मा, जीओ गीता परिवार के अध्यक्ष मंगतराम जिंदल, विजय बवेजा, राजेंद्र चोपड़ा, पवन गुंबर, धर्मपाल शर्मा, जोगिंद्र शर्मा, दीपक आहुजा, अनिल शर्मा, विजय नरूला, भगवान दास ढींगरा और जयपाल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। सभी ने गायों को गुड़ और चारा खिलाया।
गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद जी ने अपने आशीर्वचन में कहा कि गौपाष्टमी सनातन संस्कृति का अत्यंत शुभ पर्व है। इसी दिन कन्हैया ने गाय चराने का कार्य प्रारंभ किया था। उन्होंने कहा कि गाय में सभी देवी-देवताओं का वास है, उसका दूध और मूत्र अमृत समान है और गोबर वातावरण को शुद्ध करता है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक भारतवासी को अपने घर में गाय पालनी चाहिए और उसकी सेवा करनी चाहिए।
स्वामी जी ने आगे कहा कि श्री कृष्ण कृपा परिवार देशभर में गौशालाएं खोलकर गौ सेवा में लगा हुआ है। गीता, गंगा और गाय — ये तीनों हमारी सनातन संस्कृति के आधार स्तंभ हैं। उन्होंने गौपालकों से अपील की कि गाय दूध देना बंद कर दे तो भी उसे बेसहारा न छोड़ें, क्योंकि गाय हमारी माता है और उसकी सेवा ही सच्ची उपासना है।




