इंसाइट न्यूज 24, कुरुक्षेत्र, 13 सितंबर : हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा है कि भारत और इंडोनेशिया के सांस्कृतिक संबंधों में अब श्रीमद्भगवद्गीता का दिव्य संदेश भी शामिल हो गया है। इंडोनेशिया के बाली में आयोजित छठे अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के अवसर पर गीता पर आधारित विशेष डाक टिकट जारी किया गया, जो इस आध्यात्मिक जुड़ाव का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री ने अपने वीडियो संदेश में कहा कि कुरुक्षेत्र से निकला गीता ज्ञान अब वैश्विक मंचों पर फैल रहा है। उन्होंने बताया कि मॉरिशस, लंदन, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, श्रीलंका और यूके जैसे देशों में भी गीता महोत्सव का आयोजन हो चुका है, और आने वाले समय में अन्य देशों में भी यह आयोजन किया जाएगा।
बाली बना गीता प्रचार का नया केंद्र
स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज के तत्वावधान में आयोजित इस महोत्सव में इंडोनेशिया के नागरिकों ने गीता को जीवन में अपनाने और प्रचारित करने का संकल्प लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आध्यात्मिक संवाद भारत-इंडोनेशिया संबंधों को और अधिक मजबूत करेगा।
इंडोनेशिया के सीनेटर डॉ. आई. गुस्तीनगुरा आर्य ने बाली को “भारत का छोटा भाई” बताते हुए कहा कि यहां गीता के प्रति पहले से ही गहरा लगाव है, और अब यह जुड़ाव और भी व्यापक होगा।
प्रेरणादायक वक्तव्य और भावनात्मक जुड़ाव
पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने भगवान श्रीकृष्ण की विशाल प्रतिमा स्थापित करने का प्रस्ताव रखा, जिसे विश्व स्तर पर पहचान मिले। वहीं, स्वामी ज्ञानानंद जी ने कहा कि गीता जीवन जीने की कला, सद्भाव और शांति का मंत्र देती है। “एक मिनट का गीता पाठ भी व्यक्ति को विचार और मन से मजबूत बना सकता है,” उन्होंने कहा।
उपस्थित गणमान्य
इस अवसर पर विदेश मंत्रालय की सचिव डॉ. नीना मल्होत्रा, बाली विधायक प्रो. सोमवीर, भारत के सीजीआई शशांक विक्रम, हरियाणा महिला आयोग की चेयरमैन रेणु भाटिया, करनाल की मेयर रेणु बाला गुप्ता सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।




