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गीता उपदेशों की विरासत को जीवंत कर रही राज्य स्तरीय प्रदर्शनी, पर्यटकों की पहली पसंद बनी

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जनसम्पर्क विभाग की प्रदर्शनी में सरकारी योजनाओं का व्यापक प्रचार, डिजिटल माध्यम से महाभारत व 48 कोस के तीर्थों की प्रस्तुति

कुरुक्षेत्र, 1 दिसंबर।
अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव 2025 के दौरान ब्रह्मसरोवर के पुरुषोत्तमपुरा बाग में लगी राज्य स्तरीय प्रदर्शनी पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। सूचना, जनसम्पर्क एवं भाषा विभाग द्वारा 24 नवंबर से 1 दिसंबर तक लगाई गई इस प्रदर्शनी में गीता के उपदेशों को विश्व पटल पर जीवंत रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। प्रदर्शनी में महाभारत काल के दृश्य, गीता के उपदेशों की डिजिटल प्रस्तुति और 48 कोस के तीर्थों की जानकारी लोगों को आकर्षित कर रही है।

प्रदर्शनी में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों में सरकारी जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जा रही है। इनमें युवा सशक्तिकरण एवं उद्यमिता विभाग, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, पर्यटन विभाग हरियाणा, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग, पंचायत विभाग, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, वीटा, बागवानी विभाग, कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग, पुरातत्व संग्रहालय विभाग, पशुपालन एवं डेयरी विभाग, हरियाणा एग्रो इंडस्ट्रीज कॉरपोरेशन, हरियाणा सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड, वन विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, हैफेड, सेवा आयोग विभाग और हरियाणा राज्य सहकारी आपूर्ति एवं विपणन संघ लिमिटेड शामिल हैं।

प्रदर्शनी को देखने के लिए प्रतिदिन हजारों पर्यटक पहुंच रहे हैं। गीता के विभिन्न भाषाओं में उपलब्ध अनुवादित स्वरूप भी इस प्रदर्शनी का मुख्य आकर्षण है। प्रदर्शनी की सजावट और थीम इस प्रकार तैयार की गई है कि आने वाले पर्यटक यहां के हर दृश्य को अपने कैमरों में कैद करते नजर आते हैं।

पर्यटकों की लगातार बढ़ती संख्या इस बात का प्रमाण है कि राज्य स्तरीय प्रदर्शनी अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में लोगों की पहली पसंद बन चुकी है और गीता के उपदेशों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

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