कुरुक्षेत्र, 10 नवम्बर। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कला एवं भाषा संकाय के अंतर्गत चल रहे उर्दू विभाग द्वारा विश्व उर्दू दिवस और उर्दू शिक्षा दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया।
कार्यक्रम के दौरान उर्दू विभाग के अध्यापक मनजीत सिंह ने कहा कि उर्दू भाषा न केवल दक्षिण एशिया में, बल्कि पूरी दुनिया में लाखों लोगों के बीच संचार, संस्कृति और साहित्य का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने कहा कि यह भाषा अपनी कोमलता, साहित्यिक सौंदर्य और बौद्धिक गहराई के लिए प्रसिद्ध है। उर्दू ने कविता, गद्य, दर्शन, धर्म, राजनीति, शिक्षा और पत्रकारिता जैसे क्षेत्रों में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है।
मनजीत सिंह ने बताया कि उर्दू दिवस 9 नवंबर को मनाया जाता है, जो महान दार्शनिक और कवि अल्लामा मुहम्मद इकबाल की जयंती भी है। इकबाल को उर्दू भाषा का सबसे बड़ा बौद्धिक और आध्यात्मिक कवि माना जाता है, जिन्होंने उर्दू कविता को दार्शनिक चेतना और आध्यात्मिक महत्व प्रदान किया।
इस अवसर पर छात्र बिंटू ने कहा कि 9 नवंबर को न केवल इकबाल दिवस बल्कि उर्दू दिवस के रूप में भी मनाया जाता है। इस दिन देशभर के शैक्षणिक संस्थानों में कविता, नज़्म और भाषण प्रतियोगिताएं सहित विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
वहीं छात्र धरमबीर ने बताया कि भारत में उर्दू शिक्षा दिवस 11 नवंबर को मनाया जाता है, जो भारत के पहले शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आज़ाद की जयंती के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि मौलाना आज़ाद न केवल एक महान विचारक थे, बल्कि उर्दू भाषा के प्रबल संरक्षक भी थे।
कार्यक्रम में बिंटू, अमनदीप, सुमनबाला, आरज़ू, यामिन और धरमबीर सहित कई विद्यार्थी उपस्थित रहे।




