हथियार सप्लाई करने वाला गैंगस्टर ‘लेफ्टी’ पंजाब की जेल से गिरफ्तार, उम्रकैद की सजा काट रहा था
कुरुक्षेत्र। हरियाणा पुलिस ने SPO के बेटे को गोली मारने के मामले में बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने हथियार सप्लाई करने के आरोपी अजय उर्फ सन्नी उर्फ लेफ्टी निवासी उमरी को गिरफ्तार किया है। आरोपी वर्तमान में पंजाब की गोविंदवाल जेल में बंद था, जहां वह अकाली दल के युवा नेता विक्रमजीत सिंह उर्फ विक्की मिड्डू खेड़ा की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा है।
कुरुक्षेत्र पुलिस ने उसे प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया और कोर्ट से 5 दिन का रिमांड लिया है। पुलिस के अनुसार, लेफ्टी एक सक्रिय शूटर है और कई आपराधिक गैंगों से जुड़ा हुआ है।
NIT के पास शुरू हुआ झगड़ा, अनाज मंडी में चली गोली
मामला 8 सितंबर का है, जब किरमिच गांव निवासी 12वीं कक्षा के छात्र प्रिंस अपने दोस्तों वंश, गौरव और प्रीत के साथ NIT के पास घूम रहा था। इसी दौरान हिमांशु नामक युवक ने इंस्टाग्राम पर उसे धमकी भरा कॉल किया।
कुछ देर बाद प्रिंस अपने दोस्तों के साथ नई अनाज मंडी कुरुक्षेत्र पहुंचा, जहां 4-5 बाइकों पर सवार भीम पंडित, साहिल, पवित्र, बिल्ला, सार्थक शर्मा, आर्यन पंडित और हिमांशु अपने अन्य साथियों के साथ आए। विवाद बढ़ने पर भीम पंडित ने गोली चला दी, जो प्रिंस की कमर में लगी।
शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच CIA-1 यूनिट को सौंप दी।
अब तक 5 आरोपी पकड़े जा चुके
CIA-1 प्रभारी सुरेंद्र कुमार ने बताया कि जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी पवित्र नरवाल, साहिल और एक नाबालिग को गिरफ्तार किया था। उनके कब्जे से एक देसी पिस्टल, मैगजीन और कारतूस बरामद किए गए। इसके बाद 25 सितंबर को आर्यन उर्फ शटर निवासी बारवा और एक अन्य नाबालिग को भी अभिरक्षा में लिया गया।
जेल में था हथियार सप्लायर ‘लेफ्टी’
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों को हथियार सप्लाई करने वाला मुख्य आरोपी अजय उर्फ लेफ्टी पंजाब की गोविंदवाल जेल में उम्रकैद की सजा काट रहा था। पुलिस टीम ने उसे प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार कर कोर्ट से रिमांड पर लिया है ताकि हथियार सप्लाई चैन का खुलासा किया जा सके।
अकाली नेता की हत्या में था दोषी
लेफ्टी पंजाब के शिअद (अकाली दल) के युवा नेता विक्रमजीत सिंह उर्फ विक्की मिड्डू खेड़ा की हत्या में शामिल था। इस हत्याकांड में उसे और तीन अन्य आरोपियों को इसी साल जनवरी में मोहाली जिला अदालत ने दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी।




