इंसाइट न्यूज 24, कुरुक्षेत्र, 4 सितंबर : श्री ब्राह्मण एवं तीर्थोद्धार सभा द्वारा आयोजित वामन द्वादशी मेले के दूसरे दिन वामन पुराण की कथा का विधिवत समापन हुआ। इस अवसर पर कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के मानद सचिव उपेंद्र सिंघल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि मैट्रो अस्पताल के एमडी अंकित शर्मा ने मुख्य यजमान की भूमिका निभाई।
कार्यक्रम की शुरुआत साध्वी आशा मानव और डॉ. श्रीप्रकाश मिश्रा द्वारा दीप प्रज्वलन से हुई। समापन सत्र में अतिथियों का स्वागत पुष्पगुच्छ और वामन भगवान के चित्र भेंट कर किया गया। व्यास पीठ पर माल्यार्पण और आरती के साथ कथा का समापन हुआ। मंच संचालन सभा के प्रधान महासचिव रामपाल शर्मा ने किया।
वामन द्वादशी पर्व को मिलेगा विस्तार
उपेंद्र सिंघल ने अपने संबोधन में बताया कि कुरुक्षेत्र के 48 कोस की पवित्र भूमि में स्थित अभिमन्युपुर (आदिति वन) वामन भगवान का जन्मस्थल है। उन्होंने कहा कि वामन भगवान से जुड़े पांच प्रमुख तीर्थ स्थलों पर वामन द्वादशी पर्व आयोजित करने की योजना कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड बना रहा है। सौंगल गांव से भी श्रद्धालु इस मेले में पहुंचे।
धार्मिक आयोजन के साथ सांस्कृतिक प्रतियोगिताएं भी
मेले के दौरान खेल विभाग और शिक्षा विभाग के सहयोग से विभिन्न प्रतियोगिताएं—श्लोकोच्चारण, रंगोली, पोस्टर मेकिंग और पेंटिंग—आयोजित की गईं। विजेताओं को श्री ब्राह्मण एवं तीर्थोद्धार सभा की ओर से नकद पुरस्कार प्रदान किए गए।
विष्णु के पहले मानव अवतार की कथा
व्यास पीठ से बोलते हुए आचार्य शुकदेव ने कहा कि वामन भगवान विष्णु का पहला मानव रूप है, जिन्होंने राजा बलि से तीन पग भूमि मांगकर देवताओं को उनका राज्य पुनः दिलाया। यह ऐतिहासिक यज्ञ सन्निहित सरोवर के किनारे हुआ था।




