कुरुक्षेत्र, हरियाणा | भारतीय सेना से रिटायर्ड जवान के बेटे को अमेरिका भेजने के सपने ने पूरे परिवार को झकझोर दिया। पंजाब के दो एजेंटों ने युवक को फर्जी अमेरिकी वीजा दिखाकर साढ़े 24 लाख रुपये ठग लिए और उसे यूरोप होते हुए जंगल और नदी पार करवाकर मेक्सिको बॉर्डर पर फंसा दिया, जहां से अब तक उसका कोई पता नहीं चल पा रहा है।
परिवार ने पुलिस में शिकायत देकर बेटे को सुरक्षित वापस लाने और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
फर्जी वीजा बनाकर 22 वर्षीय युवक को फ्रांस भेजा
कुरुक्षेत्र के खंजरपुर गांव के नसीब सिंह—जो सेना से रिटायर होने के बाद हरियाणा पुलिस में SPO हैं—ने बताया कि उनका बेटा गुरकिरत (22) जनवरी 2024 में स्टडी वीजा पर इंग्लैंड गया था।
वह अमेरिका जाकर पढ़ाई करना चाहता था। इसी बीच परिवार के परिचित रोबिन और उसके साथी लवप्रीत ने “गारंटीड यूएस वीजा” दिलाने का भरोसा दिया।
22 मई 2024 को एजेंटों ने व्हाट्सऐप पर फर्जी अमेरिकी वीजा भेजकर भरोसा दिलाया और एक लाख रुपये तुरंत ले लिए।
अमेरिका के बजाय यूरोप में भटकाते रहे
28 मई को गुरकिरत को फ्रांस भेज दिया गया। जब परिवार ने पूछा, तो एजेंटों ने “वीजा की तकनीकी गड़बड़ी” बताकर डायरेक्ट अमेरिका भेजने का दावा किया।
इसके बाद एजेंटों ने अलग-अलग तारीखों में रकम ऐंठी:
-
27 जून — 6 लाख कैश
-
10 जुलाई — 10 लाख
-
3 अगस्त — 4.5 लाख
-
6 अक्टूबर — 3 लाख
पूरी रकम लेने के बाद आरोपियों ने फोन उठाना बंद कर दिया।
जंगल और नदी पार करवाकर मेक्सिको बॉर्डर पर छोड़ा
परिवार ने बताया कि गुरकिरत को यूरोप में कई जगह घुमाया गया। फिर उसे जंगलों, नदियों और खतरनाक ‘डंकी रूट’ से होते हुए मेक्सिको बॉर्डर तक ले जाया गया।
वहां गुरकिरत फंस गया, और अब उससे संपर्क पूरी तरह टूट चुका है।
परिवार ने कहा कि एजेंटों ने झांसा देकर बच्चे को जानलेवा रास्ते में धकेल दिया है। पुलिस शिकायत देकर न्याय की मांग की गई है।




