इंसाइट न्यूज 24: उत्तराखंड सरकार ने शिक्षा क्षेत्र में ऐतिहासिक निर्णय लिया है। राज्य मंत्रिमंडल ने मदरसा अधिनियम 2016 और अरबी-फारसी मान्यता नियम 2019 को रद्द करते हुए एक नया कानून पास किया है — “अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थान अधिनियम, 2025″।
यह कानून 1 जुलाई 2026 से लागू होगा और इसके तहत न केवल मुस्लिम संस्थान बल्कि सिख, जैन, ईसाई, बौद्ध और पारसी शिक्षण संस्थानों को भी अल्पसंख्यक का दर्जा मिलेगा। सरकार का कहना है कि इससे शिक्षा का दायरा और अवसर दोनों बढ़ेंगे तथा सभी समुदायों को समान अधिकार मिलेंगे। यह देश में किसी राज्य द्वारा इस तरह का पहला व्यापक कदम है।




