पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान से मिलने पहुंचीं उनकी बहनों को अदियाला जेल प्रशासन ने अनुमति नहीं दी। मुलाकात न मिलने पर नोरीन नियाज़ी, अलीमा खान और उज़मा खान ने जेल गेट के बाहर धरना देना शुरू कर दिया। इसी दौरान पुलिस पर उनकी बहनों के साथ बदसलूकी और मारपीट के आरोप लगे।
परिजनों के अनुसार पुलिस ने इलाके की स्ट्रीट लाइटें बंद कर दीं, पानी छोड़ा और महिलाओं को बलपूर्वक हटाने का प्रयास किया। आरोप है कि 71 वर्षीय नोरीन को बाल पकड़कर सड़क पर पटक दिया गया। अन्य महिलाओं को भी थप्पड़ मारे गए और कपड़े खींचते हुए घसीटा गया।
घटना के बाद पाकिस्तान में आम जनता और इमरान खान की पार्टी पीटीआई समर्थकों में गुस्सा भड़क उठा। इसी बीच सोशल मीडिया पर इमरान खान की मौत की अफवाहें तेजी से फैलने लगीं। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन पिछले एक महीने से परिवार को मुलाकात की अनुमति न मिलने और उनकी सेहत को लेकर जानकारी न दिए जाने से अटकलें और बढ़ गईं।
इमरान खान का परिवार और पीटीआई ने पुलिस कार्रवाई की पारदर्शी जांच, दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई, परिवार से मुलाकात का अधिकार बहाल करने और इमरान खान की स्वास्थ्य स्थिति पर स्पष्ट जानकारी जारी करने की मांग की है।
यह घटना पाकिस्तान के राजनीतिक माहौल को और तनावपूर्ण बना रही है। मामले ने राजनीतिक कैदियों के साथ व्यवहार, मानवाधिकारों के उल्लंघन, शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार और सरकारी पारदर्शिता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।




