इंसाइट न्यूज 24, कुरुक्षेत्र, 01 सितम्बर : कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के इंस्ट्रूमेंटेशन विभाग में सोमवार को आयोजित दीक्षा आरम्भ समारोह में ऊर्जा, नवाचार और शिक्षा के नए आयामों की झलक देखने को मिली। कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने समारोह की अध्यक्षता करते हुए कहा, “हर आधुनिक उपकरण इलेक्ट्रिकल एनर्जी पर आधारित है—इसके बिना आज का जीवन अधूरा है।” उन्होंने विभाग का नाम बदलकर इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग करने की घोषणा भी की।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन से हुई, जिसके बाद कुलपति ने छात्रों द्वारा विकसित सोलर ईवी कार में सवारी की और लिक्विड नाइट्रोजन प्लांट, GCMS लैब व इलेक्ट्रॉनिक वर्कशॉप जैसी सेंट्रल फैसिलिटी का निरीक्षण किया। सेवानिवृत्त वरिष्ठ तकनीकी सहायक और अन्य कर्मचारियों को उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
मुख्य अतिथि, हरियाणा विद्युत नियामक आयोग के सदस्य प्रो. मुकेश कुमार गर्ग ने कहा, “आधुनिक भारत की संरचना ऊर्जा के बिना संभव नहीं है। आत्मनिर्भर भारत की दिशा में ऊर्जा क्षेत्र में कई आयाम स्थापित किए जा चुके हैं।”
विभागाध्यक्ष प्रो. अवनीश वर्मा ने वैदिक काल से लेकर आधुनिक इंजीनियरिंग तक की यात्रा को रेखांकित करते हुए बताया कि बैटरी जैसी अवधारणाएं ऋषि अगस्त्यस्मिता में भी वर्णित हैं। उन्होंने सभी अतिथियों का स्वागत किया और मंच संचालन प्रो. दिनेश राणा ने किया।
इस अवसर पर कैमिस्ट्री, जूलॉजी, फोरेंसिक, इंग्लिश लैंग्वेज लैब सहित विभिन्न विभागों के विद्यार्थियों को प्रशिक्षण प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया।




