इंसाइट न्यूज 24, कुरुक्षेत्र, 7 सितंबर : करनाल के सिद्धपुर गांव निवासी और BSF से रिटायर्ड सब इंस्पेक्टर राजकुमार को अप्रैल में बिजली का करंट लगने के बाद असहनीय दर्द ने घेर लिया था। दर्द इतना तीव्र था कि दिन में दो-दो दर्द निवारक गोलियां भी राहत नहीं दे पा रही थीं। कई अस्पतालों में इलाज के बाद भी जब आराम नहीं मिला, तब आयुर्वेद ने उनकी जिंदगी को नई दिशा दी।
राजकुमार ने श्रीकृष्ण आयुष विश्वविद्यालय, कुरुक्षेत्र के पंचकर्म विभाग में 30 दिन तक इलाज कराया। प्रो. राजा सिंगला की देखरेख में हुए उपचार में कटी बस्ती, पत्र पोटली स्वेदन और मात्रा बस्ती जैसी आयुर्वेदिक विधियों का प्रयोग किया गया। अब राजकुमार पूरी तरह स्वस्थ हैं और पिछले 15 दिनों से कोई दवा नहीं ले रहे।
MRI रिपोर्ट के अनुसार, उनकी रीढ़ की हड्डी में L-2 से L-5 तक डिस्क प्रोलैप्स, L-5 और S-1 पर वर्टीबरी की समस्या और D-10, D-11 पर सूजन थी। पंचकर्म थेरेपी से इन सभी समस्याओं का सफल इलाज हुआ।
प्रो. राजा सिंगला ने कहा, “मरीजों की सेवा करना ही हमारा ध्येय है। कुलपति प्रो. वैद्य करतार सिंह धीमान के मार्गदर्शन में हर रोगी को बेहतर सुविधाएं दी जा रही हैं।”




