हरियाणा के अंबाला छावनी क्षेत्र में स्थित एक जर्जर और लंबे समय से बंद पड़े बंगले नंबर 101 से एक किशोर को सुरक्षित बाहर निकाले जाने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि यह किशोर करीब एक साल से उसी खंडहरनुमा बंगले की छत पर छिपकर रह रहा था।
स्थानीय लोगों को जब बंगले के आसपास संदिग्ध गतिविधियों का आभास हुआ तो सूचना संबंधित संगठनों और पुलिस तक पहुंची। इसके बाद पुलिस और सामाजिक संगठन की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर तलाशी अभियान चलाया। जांच के दौरान किशोर को बंगले की छत पर पाया गया।
किशोर के पास और आसपास की दीवारों पर कुछ संख्याएं और मोबाइल नंबर लिखे हुए मिले, जिन्हें जांच के लिए नोट किया गया है। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि किशोर रात के समय आसपास के इलाकों में जाकर खाने के लिए भीख मांगता था और फिर वापस उसी बंगले में लौट आता था।
पुलिस ने किशोर को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया है, जहां उसकी देखभाल और काउंसलिंग की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि किशोर की पृष्ठभूमि और वहां रहने के कारणों की जांच की जा रही है।
यह घटना शहर में जर्जर इमारतों की सुरक्षा और असहाय लोगों की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है।




