इंसाइट न्यूज 24 : भारत अब उस मुकाम की ओर बढ़ रहा है जिसका इंतज़ार लंबे समय से किया जा रहा था। साल 2025 के आखिर तक देश में पहली बार पूरी तरह स्वदेशी सेमीकंडक्टर चिप तैयार होने की उम्मीद है।
सरकार ने ‘सेमीकॉन इंडिया प्रोग्राम’ के तहत इस क्षेत्र को मज़बूत बनाने के लिए लगभग 76,000 करोड़ रुपये का निवेश किया है। इस योजना में उन कंपनियों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है जो भारत में चिप निर्माण की दिशा में काम करना चाहती हैं।
यह पहल सिर्फ़ तकनीकी आत्मनिर्भरता की ओर एक बड़ा कदम नहीं है, बल्कि इससे मोबाइल फ़ोन, लैपटॉप, गाड़ियाँ और रक्षा उपकरण जैसे कई क्षेत्रों में भारत की पकड़ मज़बूत होगी। अब तक देश को इन चिप्स के लिए आयात पर निर्भर रहना पड़ता था, जिससे लागत भी बढ़ती थी और सुरक्षा जोखिम भी बना रहता था।
अगर सब कुछ योजना के मुताबिक़ हुआ, तो दिसंबर 2025 तक भारत अपनी पहली मेड-इन-इंडिया चिप दुनिया के सामने पेश कर सकता है। विशेषज्ञ मानते हैं कि यह सफलता भारत को वैश्विक तकनीकी दौड़ में नई पहचान दिलाएगी।




