चंडीगढ़, 10 अक्टूबर : आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने वरिष्ठ दलित IPS अधिकारी वाई. पूरन कुमार की संदिग्ध मौत पर गहरी चिंता जताते हुए हरियाणा सरकार और बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि “चार दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक दोषियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। परिवार न्याय की धीमी रफ्तार से नाराज़ है और अंतिम संस्कार से इनकार कर रहा है।”
ढांडा ने इसे सिर्फ एक अफसर की मौत नहीं, बल्कि “संविधान और संस्थागत समानता पर हमला” बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी शासन में दलित अधिकारियों को अपमानित करने के लिए “गंदे वीडियो, झूठे आरोप और नफरती कैंपेन” का सहारा लिया जाता है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस गवई के खिलाफ हुए हमले को इसी पैटर्न का हिस्सा बताया।
AAP की मांगें:
• वाई. पूरन कुमार मामले की निष्पक्ष और तेज न्यायिक जांच
• दोषियों पर सख्त कार्रवाई
• जातिगत भेदभाव और सत्ता के दुरुपयोग पर सरकारी जवाबदेही
• दलितों के सम्मान पर कोई समझौता नहीं
• हरियाणा में भी पंजाब की तरह नफरती कैंपेन पर सख्त एक्शन
ढांडा ने कहा कि “बीजेपी को दलितों की बराबरी बर्दाश्त नहीं होती। ‘सबका साथ, सबका विकास’ सिर्फ नारा है, असल में उन्हें दलितों की तरक्की से डर लगता है।” उन्होंने पंजाब सरकार की मिसाल देते हुए कहा कि वहां आम आदमी पार्टी ने दलितों के अपमान पर सख्त कार्रवाई की, FIR दर्ज की गईं और गैर-जमानती धाराएं लगाईं गईं।
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर न्याय नहीं मिला, तो आम आदमी पार्टी सड़कों पर आंदोलन से पीछे नहीं हटेगी। “यह लड़ाई सिर्फ एक अफसर की नहीं, पूरे दलित समाज और संविधान की है,” उन्होंने कहा।




