चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी कैबिनेट की आगामी बैठक से पहले दिल्ली जा सकते हैं। संभावित दौरे के दौरान उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात होने की संभावना जताई जा रही है। सूत्रों के अनुसार, इस दौरान राज्य से जुड़े कई महत्वपूर्ण राजनीतिक और प्रशासनिक मुद्दों पर मंथन किया जाएगा।
जानकारी के मुताबिक, नए वर्ष की शुरुआत में प्रदेश के विभिन्न बोर्डों और निगमों के चेयरमैनों के नामों की घोषणा की जानी है। इन नामों पर सहमति लगभग बन चुकी है, लेकिन मुख्यमंत्री अंतिम निर्णय से पहले केंद्रीय नेतृत्व से एक बार और विचार-विमर्श करना चाहते हैं।
बजट सत्र और कैबिनेट एजेंडा पर फोकस
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 1 जनवरी को कैबिनेट बैठक बुला रखी है। बैठक में फरवरी-मार्च के दौरान प्रस्तावित बजट सत्र को लेकर रणनीति पर चर्चा हो सकती है। मुख्यमंत्री, वित्त मंत्री के तौर पर फरवरी के अंतिम या मार्च के पहले सप्ताह में अपना दूसरा बजट पेश कर सकते हैं। बैठक में अधिकारियों को बजट तैयारियों को लेकर दिशा-निर्देश दिए जाने की संभावना है, जिससे विकास योजनाओं और प्रशासनिक प्राथमिकताओं को मजबूती मिल सके।
सब-कमेटी की रिपोर्ट पर भी होगी चर्चा
सूत्र बताते हैं कि कैबिनेट बैठक में विकास एवं पंचायत मंत्री की अध्यक्षता वाली कैबिनेट सब-कमेटी-12 की सिफारिशों पर भी विचार किया जा सकता है। इसी समिति की रिपोर्ट के आधार पर हाल ही में हांसी को हरियाणा का 23वां जिला घोषित किया गया है।
नए साल के कार्यक्रमों और नीतियों पर मंथन
कैबिनेट बैठक में सरकार द्वारा नए साल के दौरान शुरू किए जाने वाले कार्यक्रमों और नीतिगत फैसलों की रूपरेखा भी तय की जा सकती है। प्रशासनिक जानकारों का मानना है कि वर्ष 2026-27 के वित्तीय और प्रशासनिक एजेंडे को लेकर भी बैठक में गहन चर्चा हो सकती है और प्रदेश में कई अहम फैसले लागू किए जा सकते हैं।
नगर निगम चुनाव और संगठनात्मक गतिविधियां
प्रदेश में भाजपा के नए प्रदेश अध्यक्ष की घोषणा भी जल्द होने की अटकलें हैं। इसके साथ ही बोर्ड और निगमों के चेयरमैनों की नियुक्तियों को लेकर प्रक्रिया अंतिम चरण में है। वहीं, अंबाला, सोनीपत और पंचकूला में जनवरी में प्रस्तावित नगर निगम चुनावों को लेकर भी सरकार रणनीति बना सकती है।
वेतन विसंगति समिति में प्रशासनिक बदलाव
हरियाणा सरकार ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी विजय सिंह दहिया को वेतन विसंगति एवं शिकायत निवारण समिति का सदस्य नियुक्त किया है। वर्तमान में वे मुद्रण एवं लेखन सामग्री विभाग में आयुक्त एवं सचिव के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने विकास गुप्ता का स्थान लिया है, जिन्हें अब केंद्रीय विद्यालय संगठन का आयुक्त बनाया गया है।




