कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने देश की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि आज भारत केवल सत्ता परिवर्तन की नहीं, बल्कि सोच और मूल्यों की लड़ाई लड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि संवैधानिक संस्थाओं की स्वायत्तता लगातार कमजोर की जा रही है और असहमति की आवाज़ को दबाने का माहौल बनाया जा रहा है।
राहुल गांधी ने कहा कि लोकतंत्र सिर्फ चुनाव जीतने तक सीमित नहीं होता, बल्कि जनता की आवाज़ सुनने और सवालों का जवाब देने से मजबूत बनता है। उनका कहना था कि देश के युवाओं, किसानों और मध्यम वर्ग की समस्याओं पर सरकार गंभीर नहीं दिख रही है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि भय और दबाव की राजनीति से देश आगे नहीं बढ़ सकता।
कांग्रेस नेता ने साफ शब्दों में कहा कि उनकी लड़ाई किसी व्यक्ति से नहीं, बल्कि उस व्यवस्था से है जो आम आदमी की हिस्सेदारी को कमजोर कर रही है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे सच्चाई और संविधान के मूल्यों के लिए मजबूती से खड़े रहें, क्योंकि यही भारत की असली ताकत है।




